bharat me union territories kyu banaye gaye

bharat me union territories kyu banaye gaye hai – इसके कारण

bharat me union territories kyu banaye gaye hai – आज हम आपको बताएँगे कि भारत में केंद्रीय शासित राज्यों की जरुरत क्यों पड़ी और ये कब कब बने और इनको क्यों बनाने की आव्यशकता पड़ी, आज भी ऐसी स्तिथि क्यों उत्पन होती की कोई केंद्रीय शासित राज्य बनाया जाए।

भारत जबसे आज़ाद हुआ है, तबसे वह बहुत सारे राज्यों और केंद्रीय शासित राज्यों में परिस्थितियो के हिसाब से विभाजित होता गया है, और आज भी कोई परिस्थिति उत्पन होती है तो सरकार को विभाजन का निर्णय लेना पड़ता है।

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Kendriya shashit pradesh kya hai

केंद्रीय शासित प्रदेश वह होते है जिनमे कोई राज्य सरकार शाशन नहीं करती यहाँ पर सीधे केंद्र सरकार ही शाशन करती है।

Rajyo aur kendriya shashit pradesho me kya antar hota hai.

राज्यकेंद्रीय शासित प्रदेश
1. राज्यों में राज्य सरकार और उनके मुख्यमंत्री तथा उनके मंत्री मंडल होते है।1. केंद्रीय शासित प्रदेश में प्रशाशक या उपराज्यपाल शासन करता है जो केंद्र द्वारा नियुक्त किया जाता है।
2. राज्य में जनता अपना मुख्यमंत्री चुनती है।2.यहाँ पर कुछ केंद्रीय शासित प्रदेशो को छोड़कर बाकी सारो में केंद्र द्वारा प्रशाशक या उप राज्यपाल नियुक्त होता है।
3. राज्यों की अपनी विधान सभा होती है।3. यहाँ कुछ केंद्रीय शासित प्रदेश को छोड़कर बाकियों में विधान सभा नहीं होती।
4. राज्य पर राज्य सरकार का पूर्ण अधिकार होता है।4. यहाँ जहाँ पर विधान सभा है वहां सरकारो का कार्य सीमित रहता है।
5. मुख्यमंत्री को जनता द्वारा चुने गए विधायक चुनते है।5. यहाँ केंद्र द्वारा अधिकारी नियुक्त होता है।

Kendriya shashit pradesh banane ke karan

bharat me union territories kyu banaye gaye – भारत में सिर्फ राज्यों से ही काम चल सकता है लेकिन कुछ जगह ऐसी है, जहाँ की संस्कृति बिलकुल ही अलग है, जो किसी राज्य में नहीं मिलायी जा सकती है, कुछ जगह बहुत ही ज्यादा छोटी है जो काफी नहीं होती कि उसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिला सके, एक कारण ये भी है कुछ जगह की आबादी भी बहुत कम है।

कुछ जगह पर आज़ादी के बाद भी बहुत सालों तक बाहरी ताकतों का कब्ज़ा था, इसलिए इन सारी जगह को केंद्रीय शासित प्रदेश बनाना पड़ा, क्यूंकि अगर इन्हे किसी राज्य में मिला दिया जाये तो इनकी संस्कृति नष्ट होने का खतरा हो सकता है, राजनितिक दृष्टि, प्रशाशनिक दृष्टि, भगौलिक दृष्टि और इनके ऐतिहासिक दृष्टि भी प्रभावित हो सकती है।

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kendriya shashit pradesh aur unke banne ke karan

अब हम आपको हर एक केंद्रीय शासित प्रदेश के बारे में एक एक कर के बताते है, वर्त्तमान में भारत में 8 केंद्रीय शासित प्रदेश है:

1.अंडमान एंड निकोबार : इस द्वीप समूह को 1 नवम्बर 1956 को केंद्रीय शासित प्रदेश बनाया गया, इसे जापान ने अंग्रेजो से छीन कर भारत को दे दिया था, यहाँ की संस्कृति भारत के लोगो से बहुत ही अलग है, यहाँ आज भी जनजातियाँ आज की इंसान की जिंदगी से कोसो दूर है और ये द्वीप समूह भारत की मुख्य भूमि से भी बहुत दूर है इसलिए इसे केंद्रीय शासित प्रदेश बनाया गया।

2. चंडीगढ़ : यह 1 नवम्बर 1966 में भारत का केंद्रीय शासित प्रदेश बना. ये शहर भारत के सबसे सुंदर शहरों में गिना जाता है। जब भारत आज़ाद हुआ तब पंजाब की राजधानी लाहौर से बदलकर शिमला कर दी गयी क्यूंकि तब हिमाचल प्रदेश पंजाब का हिस्सा हुआ करता था, बाद में उस वक़्त के प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने बाद में चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी घोषित कर दिया।

इसके बाद जब हरयाणा राज्य पंजाब से अलग हुआ तो दोनों राज्यों में मतभेद होने लगे की चंडीगढ़ को उनके राज्य की राजधानी बनाया जाये, तब चंडीगढ़ को दोनों राज्यों की राजधानी और साथ ही साथ इस एक केंद्रीय शासित राज्य भी बनाया गया ताकि दोनों राज्यों के मतभेद के चलते कोई बुरी स्थिति उत्पन न हो।

bharat me union territories kyu banaye gaye hai

3. दादरा और नगर हवेली और दमन और दिउ : इन क्षेत्रो में पहले मराठा शाशको का शाशन हुआ करता था, फिर अंग्रेजों और मुगलों से इसे बचाने के लिए मराठाओ ने पुर्तग़ालिओ से संधि करली, बाद में अंग्रेजो द्वारा मराठों की हार हुई और ये क्षेत्र पुरगालिओ के पास आ गया।

भारत की आज़ादी के बाद भी बहुत सालों तक ये क्षेत्र पुर्तगाल के कब्ज़े में ही था। बाद में भारतीय सेना द्वारा 1954 में दादरा और नागर हवेली को और 1961 में दमन और दिउ और गोवा को भी पुर्तगाल से आज़ाद कराया गया।

गोवा बाद में बहुत विकसित हुआ और उसके बड़े क्षेत्रफल को देखते हुए उसे तो राज्य घोषित कर दिया गया लेकिन दादरा-नगर हवेली और दमन दिउ को केंद्रीय शासित प्रदेश ही रहने दिया गया और 26 जनवरी 2020 को भारत सरकार ने एक विधेयक (बिल) जारी कर इन दोनों को मिलाकर एक केंद्रीय शासित प्रदेश घोषित कर दिया।

4. दिल्ली : दिल्ली सन 1956 में भारत का केंद्रीय शासित प्रदेश बना। दिल्ली का एक बहुत बड़ा और पुराना इतिहास रहा है, महाभारत के इंद्रप्रस्थ से लेकर अंग्रेजों के शासन तक, और आज के भारत में दिल्ली एक भारत का एक राजीनीतिक केंद्र है।

यहाँ राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, सारे केंद्रीय मंत्री मंडल, और ऐतिहासिक और प्राचीन भवन और जगह है, इसलिए किसी एक राज्य को दिल्ली का नियंत्रण देने से ये चीजे बहुत प्रभावित हो सकती है इसलिए दिल्ली को एक केंद्रीय शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है।

यहाँ विधानसभा, मुख्यमंत्री, उनके मंत्री मंडल तो है लेकिन फिर भी कार्य करने की क्षमताए सिमित दर तक ही रहती है।

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5. जम्मू और कश्मीर : जम्मू कश्मीर एक नया केंद्रीय शासित प्रदेश है, पहले ये अलग राज्य हुआ करता था, लेकिन केंद्र के द्वारा कुछ निर्णयों के बाद वहां से धारा 370 हटाई गयी और जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा हटा कर 31अक्टूबर 2019 को एक केंद्रीय शासित प्रदेश बना दिया गया।

6. लक्षद्वीप : ये द्वीप समूह भहुत ही सुन्दर और पर्यटन के मामले में भी बहुत अच्छा है। ये द्वीप समूह अंडमान और निकोबार द्वीप समुख तरह ही भारत की मुख्य भूमि से बहुत दूर है, और आबादी और क्षेत्रफल के मामले में भी बहुत छोटा है इसलिए इसको केंद्रीय शासित प्रदेश बनाया गया है और इसे 1 नवम्बर 1956 को बनाया गया।

7. पुदुचेरी : पुदुचेरी चार अलग-अलग हिस्सों से बना है। इसका एक हिस्सा आंध्र प्रदेश में है जिसे यनम के नाम से, कुछ भाग तमिल नाडु में जिसे पांडिचेरी और कराईकल, और कुछ भाग केरल में है जिसे माहे के नाम से जाना जाता है।

भारत की आज़ादी के बाद भी यहाँ पर फ्रांस का कब्ज़ा था और बाद में भारतीय सेना द्वारा इसे 1954 में आज़ाद करा लिया गया, यहाँ आज भी फ्रांस की संस्कति और स्थापत्य कला निर्मित भवन आपको देखने को मिल जायेंगे, यहाँ भी क्षेत्रफल बहुत ही छोटा, कम जनसंख्या और यहाँ की संस्कृति फ्रांस के द्वारा शासन करने के कारण अन्य राज्यों से नहीं मिलती इसलिए इसे 1962 में केंद्रीय शासित राज्य बनाया गया।

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8. लद्दाख : जब जम्मू कश्मीर एक अलग राज्य था तब, लद्दाख उसका ही एक जिला था, जब जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाई गयी और उसको केंद्रीय शासित प्रदेश बनाया गया, तब लद्दाख को जम्मू कश्मीर से अलग करके 31 अक्टूबर 2019 को उसे भी एक अलग केंद्रीय शासित प्रदेश बनाया गया।

सारांश

इस लेख से हमे ये पता चलता है कि किसी क्षेत्र या राज्य को केंद्रीय शासित प्रदेश बनाने के लिए कोई एक स्पष्ट कारण हमें नहीं दिखाई देता है बल्कि इसके अनेक कारण है, जैसे सांस्कृतिक दृष्टि, ऐतिहासिक दृष्टि, प्रशासनिक दृष्टि, क्षेत्रफल, भगौलिक दृष्टि, और कुछ परिस्थितियां ऐसी भी उत्पन हो जाती है जिससे किसी क्षेत्र या राज्य को केंद्रीय शासित प्रदेश बनाया जाए।

हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी bharat me union territories kyu banaye gaye hai, आपके लिए बहुत उपयोगी होगी और आप इससे बहुत लाभ उठाएंगे। हम आपके बेहतर भविष्य की कामना करते हैं और आपका हर सपना सच हो।

धन्यवाद।


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