Ring Fence Policy in Hindi

Ring Fence Policy in Hindi – रिंग फेंस नीति ( 1765-1813 ) 📜

Ring Fence Policy in Hindi – दोस्तों, आज हम रिंग फेंस की नीति के बारे में जानेंगे, जो अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अपने स्वार्थ के लिए भारतीय क्षेत्रों के ऊपर लगाई गई थी और इस नीति को बंगाल के गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स द्वारा लागू किया गया था। 

रिंग फेंस नीति की पृष्ठभूमि 

जब अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने कदम भारत में मजबूत करने शुरू कर दिए थे जैसे की प्लासी का युद्ध और बक्सर का युद्ध, तब 1773 के दौरान वारेन हेस्टिंग्स भारत में बंगाल के गवर्नर जनरल के पद पर थे। 

उस समय काल में भारत में जो मुख्य राजवंश राज कर रहे थे, वे थे हैदराबाद के निज़ाम, मराठा राजवंश और मैसूर राजवंश। 

अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी धीरे-धीरे इन राजवंशों के ऊपर अपनी कूटनीतियों के द्वारा कब्ज़ा कर रही थी, परंतु साथ ही साथ अंग्रेजी कंपनी को बाहरी आक्रमणकारियों से भी खतरा था जैसे की अफगान आक्रमणकारी और इसी बिंदु को देखते हुए अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने बाहरी आक्रमणकारियों से अपने क्षेत्रों को बचाने के लिए “रिंग फेंस की नीति” को अपनाया था। 

रिंग फेंस नीति क्या है? ( Ring Fence Policy in Hindi )

अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के उनके क्षेत्रों की सीमाओं की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए जिस नीति का प्रयोग उन्होंने किया था उसे रिंग फेंस नीति के नाम से संबोधित किया जाता है। 

रिंग फेंस की नीति के तहत अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी अपने क्षेत्रों की सीमाओं को सीधा-सीधा किसी बाहरी क्षेत्र के साथ नहीं मिलाती थी बल्कि वे अपने अगल-बगल के क्षेत्रों के साथ संधि करके अपनी सेना उन क्षेत्रों को उनकी सहायता करने के लिए भेज देती थी। 

इस प्रकार जब भी कोई बाहरी आक्रमणकारी हमला करता तो उसे पहले उन क्षेत्रों से होके गुज़रना पड़ता था जो अंग्रेजी क्षेत्रों के अगल-बगल होते थे और अंग्रेजी क्षेत्रों को इससे काफी फायदा होता था। 

इस नीति के तहत जिन क्षेत्रों को अंग्रेजी कंपनी अपनी सेना देती थी, उन्हीं क्षेत्रों को उस सेना का खर्चा उठाना होता था और इससे अंग्रेजी कंपनी को हमलावरों से तो फायदा होता ही था, साथ ही साथ उनकी भेजी हुई सेना का खर्चा भी दूसरे क्षेत्र ही उठाते थे। 

इस नीति के तहत अंग्रेजी कंपनी अपने अगल-बगल के क्षेत्रों के ऊपर आक्रमण नहीं कर सकती थी क्यूंकि अगर वे ऐसा करते तो वे क्षेत्र उनके अधीन हो जाते और इस प्रकार बाहरी आक्रमणकारियों के साथ उनकी सीमा क्षेत्र सीधे-सीधे मिल जाते। 

बाद में जब लार्ड वेलेस्ली द्वारा सहायक संधि ( Subsidiary Alliance ) की नीति का प्रयोग किया गया था वह इसी रिंग फेंस की नीति का एक बड़ा रूप था। 

रिंग फेंस नीति के उदाहरण 

जैसे की प्लासी के युद्ध और बक्सर के युद्ध के बाद अंग्रेजी कंपनी का कब्ज़ा बंगाल के क्षेत्रों में हो गया था, परंतु वहां भारत के उत्तर-पश्चिम क्षेत्रों से अफगान आक्रमणकारियों के हमला करने की संभावना रहती थी इसलिए अंग्रेजी कंपनी ने अवध के क्षेत्र जिसे वर्तमान में उत्तर प्रदेश कहते हैं, उस क्षेत्र को इस रिंग फेंस की नीति में प्रयोग किया। 

इस प्रकार अगर अफगान आक्रमणकारी बंगाल की तरफ हमला करते तो उन्हें पहले अवध से होके गुज़ारना पड़ता, जहां अवध की सेना और साथ में अंग्रेजी सेना का उनसे सामना होता और इस प्रकार अंग्रेजों के अपने बंगाल के क्षेत्र को इसमें बहुत कम हानि पहुँचती। 

अंग्रेजों ने आंग्ल-मराठा युद्धों के दौरान भी इस रिंग फेंस की नीति का प्रयोग किया था, इस बिंदु को इस प्रकार समझा जा सकता है की जब हमने आंग्ल मराठा युद्धों के बारे में जाना था, तब हमने यह जाना था की 1775 में प्रथम आंग्ल मराठा युद्ध को वारेन हेस्टिंग्स द्वारा रोक दिया गया था क्यूंकि उन्होंने मराठाओं से लड़ने के लिए कोई रिंग फेंस की निति का प्रयोग नहीं किया था। 

अंग्रेजो ने मराठाओं के साथ प्रथम आंग्ल मराठा युद्ध रोककर संधि की और अगला आंग्ल मराठा युद्ध 21 वर्ष बाद 1803 में अंग्रेजों द्वारा किया गया क्यूंकि तब तक इन 21 वर्षों में अंग्रेजों ने मैसूर से हैदर अली और टीपू सुलतान को हराकर मैसूर पर कब्ज़ा किया और मैसूर को रिंग फेंस की नीति के लिए प्रयोग किया, ताकि मराठा और उनके बीच मैसूर आ जाए। 

Ring Fence Policy in Hindi – रिंग फेंस नीति

हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा दी गई Ring Fence Policy in Hindi ( रिंग फेंस नीति ) के बारे में  जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी होगी और आप इससे बहुत लाभ उठाएंगे। हम आपके बेहतर भविष्य की कामना करते हैं और आपका हर सपना सच हो।

धन्यवाद।


बार बार पूछे जाने वाले प्रश्न

रिंग फेंस नीति क्या थी?

अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के उनके क्षेत्रों की सीमाओं की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए जिस नीति का प्रयोग उन्होंने किया था उसे रिंग फेंस नीति के नाम से संबोधित किया जाता है।

रिंग फेंस नीति किसने लागू की थी?

अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अपने स्वार्थ के लिए भारतीय क्षेत्रों के ऊपर लगाई गई थी और इस नीति को बंगाल के गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स द्वारा लागू किया गया था। 

अंग्रेजों द्वारा रिंग फेंस नीति का कितने समय काल के लिए पयोग किया गया था?

( 1765-1813 )

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