Vasuki Train in India in Hindi

Vasuki Train in India in Hindi – तकनीक, विशेषता, सबसे लम्बी रेल

Vasuki Train in India in Hindi – दोस्तों, बचपन में हम सब दोस्तों के साथ रेल गाडी वाला खेल खेला करते थे, जिसमे एक व्यक्ति के पीछे दूसरा व्यक्ति  रेल के डिब्बों के रूप में लगा होता था, और उस खेल में हमे बहुत ही आनंद आता था, आप में से भी कई लोगो ने रेल में सफर किया ही होगा।

भारतीय रेल का भी एक लम्बा इतिहास रहा है, धीरे धीरे इसमें और इसकी व्यवस्था में सुधार आता रहा और आता रहेगा, और इसकी प्रमाणता आप इस बात से लगा सकते है कि भारतीय रेल आज के समय में भारत का सबसे बड़ा नियोक्ता ( employer ) है, और विश्व में भी टॉप 10 नियोक्ता की श्रेणी में आता है।

भारतीय रेल ने पिछले कुछ समय से अपनी क्षमताओं को बढ़ाया है और कुछ नए रिकार्ड बनाए हैं, और कुछ अपने ही रिकार्ड्स तोड़े भी है।

मालगाड़ी रेल यातायात के क्षेत्र में भारतीय रेल ने रेल की लम्बाई को पिछले कुछ समय से क्रमबद्ध रूप से बढ़ाया है, पहले 1.5 km, फिर 2.5 km और अब साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे ( South East Central Railway ) के रायपुर डिवीज़न ने 3.5 km लम्बी रेल चलाकर एक रिकॉर्ड बनाया है, जिसका नाम “वासुकी” ( Vasuki ) रेल है।

रेल में जितनी भी रेल गाड़ियां साधारण से ज्यादा लम्बी चलती है, उन्हें “लॉन्ग हॉल रेल” ( Long Haul Trains ) कहा जाता है. दोस्तों, भारतीय रेल ने 2019 से लेकर अब तक जो लॉन्ग हॉल रेल चलायी हैं उनका नाम सांपों के नाम के ऊपर रखा है, जिसमे अभी सबसे नई रेल वासुकी चलाई गई है जिसने भारत की सबसे लम्बी रेल का रिकॉर्ड बनाया है।

लॉन्ग हॉल रेल की शुरुआत

1. 2019 से भारतीय रेल ने लॉन्ग हॉल रेल की परियोजना शुरू करी और मार्च 2019 में “पाइथन” ( Python ) नामक रेल चलाई गई, जिसमें 147 डिब्बे और 4 डीजल इंजन ( Diesel locomotives ) थे, ये करीब 2 km लम्बी रेल थी और इसके डिब्बे खाली थे।

2. इसके बाद मई 2019 में “एनाकोंडा” ( Anaconda ) नामक रेल चलाई गई, जिसमें 177 डिब्बे और 6 डीजल इंजन ( Diesel locomotives ) थे, ये करीब 2 km लम्बी रेल थी और इसके डिब्बे पूरे भरे हुए थे और करीब 15000 टन कोयला का भार इसमें लादा गया था।

3. इस बार रेलवे ने डीजल की जगह इलेक्ट्रिक इंजन का उपयोग किया और जुलाई 2020 में “शेषनाग” ( Sheshnaag ) नामक रेल चलाई गई, जिसमें 251 डिब्बे और 9 इलेक्ट्रिक इंजन ( Electric Engine ) थे, ये करीब 2.8 km लम्बी रेल थी और इसके डिब्बे खाली थे।

4. इसके बाद सबसे नई रेल जनवरी 2021 में “वासुकी” ( Vasuki ) नामक रेल चलाई गई, जिसमें 300 डिब्बे और 5 इलेक्ट्रिक इंजन ( Electric Engine ) थे, ये करीब 3.5 km लम्बी रेल थी और इसके डिब्बे खाली थे।

दोस्तों, पाइथन और एनाकोंडा रेल में डीजल इंजन का प्रयोग किया गया था और इसके साथ इनमे एक ख़ास प्रौद्योगिकी ( technology ) का प्रयोग हुआ था जिसका नाम “Distributed Power Wireless Control System” है।

इस तकनीक की मदद से पाइथन और एनाकोंडा रेल में डीजल इंजनो को आपस में जोड़ा गया था और प्रमुख इंजन में ही बैठे बैठे लोको पायलट ( Loco Pilot ) सभी इंजनो में गति को बढ़ा या घटा सकते थे या फिर ब्रेक लगा सकते थे, जिसकी वजह से हर इंजन में अलग से लोको पायलट को बैठाने की आव्यशकता नहीं पड़ती थी और यह तकनीक काफी अच्छा साबित हुई।

शेषनाग रेल में इलेक्ट्रिक इंजन का हुआ, लेकिन इसमें Distributed Power Wireless Control System वाली तकनीक का प्रयोग नहीं किया गया, जिसकी वजह से इसमें हर इंजन में अलग अलग लोको पायलट बैठाने की आव्यशकता पड़ी और प्रमुख इंजन में बैठे लोको पायलट के निर्देश से बाकी इंजनो में बैठे लोको पायलट वैसा ही करते थे।

शेषनाग रेल ज्यादा प्रभावशाली नहीं हुई, इसलिए रेलवे ने इलेक्ट्रिक इंजन में भी Distributed Power Wireless Control System वाली तकनीक का प्रयोग किया और वासुकी रेल में इसका प्रयोग करके इसको चलाया गया, जिसकी वजह से इसमें भी हर इंजन में अलग से लोको पायलट को बैठाने की आव्यशकता नहीं पड़ी।

Vasuki Train in India – वासुकी रेल का उद्गम और गंतव्य

वासुकी रेल को साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे ( South East Central Railway ) के द्वारा चलाया गया है, और छत्तीसगढ़ के भिलाई ( Bhilai ) से लेकर उत्तर प्रदेश के कोरवा ( Korwa ) इसे चलाया गया, जैसा की हमने आपको बताया की इसके डिब्बे खाली थे और इसे कोरवा में कोयले को लादने के लिए ले जाया गया था।

पैसेंजर ट्रेनों की लम्बाई ना बढ़ाने के कारण 

1. भारत की सभी स्टेब्लिंग लाइन्स ( Stabling lines ), लूप लाइन्स ( Loop lines ), स्टेशन ( Station ) अधिकतम 700 मीटर की रेल के आधार पर बने हैं और अगर इससे ज्यादा लम्बी रेल होती है तो वह स्टेशन के लूप लाइन से बाहर हो जाएगी और इसमें भी 700 मीटर तो मालगाड़ियों की लम्बाई होती है, पैसेंजर रेल तो लगभग 400-450 मीटर लम्बी ही होती है।

2. अगर इससे ज्यादा लम्बी ट्रैन हुई तो पैसेंजर ट्रेनों को खड़ा नहीं किया जा सकेगा क्यूंकि वे सारे रास्ते को ही बंद कर देंगी, और अगर पैसेंजर ट्रेनों की लम्बाइयों को बढ़ाया जाता है तो इनको इनकी लम्बाई की वजह से बीच बीच में नहीं रोका जा सकेगा और ये सिर्फ अपने गंतव्य स्थान पर ही रोका जाएगा, जो की पैसेंजर ट्रेन के मामले में संभव नहीं है क्यूंकि हर व्यक्ति को कही न कही बीच के स्टेशनो में उतरना होता है।

Vasuki Train in India in Hindi

हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा दी गई Vasuki Train in India in Hindi के बारे में  जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी होगी और आप इससे बहुत लाभ उठाएंगे। हम आपके बेहतर भविष्य की कामना करते हैं और आपका हर सपना सच हो।

धन्यवाद।


यह भी पढ़े : Sinauli ka Itihaas

यह भी पढ़े: levis history in hindi – जीन्स की खोज, इतिहास, ब्लू जीन्स का अविष्कार

यह भी पढ़े : holi ka mahatva

यह भी पढ़े: What is Sanjeevani pariyojana in Hindi

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow us on Social Media